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-February 14, 2022

रोजाना करते हैं आप ये 4 गलतियां, बढ़ सकता है बवासीर या पाइल्स (Piles) होने का खतरा

बवासीर या पाइल्स (Piles) एक ऐसी समस्या है जब हो जाती है, तो पीड़ित व्यक्ति  के एनस के अंदर और बाहरी हिस्से में सूजन आ जाती है। जिस वजह से एनस के अंदरूनी हिस्से या बाहर के हिस्से में स्किन जमा होकर मस्से जैसी बन जाती है। ऐसा होने के बाद इसमें से कई बार खून निकलने के साथ ही दर्द भी होता है।

आपके जानकारी के लिए बता दें कि मल त्याग के दौरान ज्यादा जोर लगाने पर ये मस्से बाहर आ जाते हैं। इस समस्या की वजह से पीड़ित व्यक्ति को बैठने में भी समस्या होती है। हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, कई बार लोग शर्मिंदगी की वजह से शुरुआती दौर में इस पर ध्यान नहीं देते हैं जिससे बाद में में Piles की समस्या बढ़ जाती है।

1.बवासीर (Piles) का कैसे पता चलता है?

जब किसी व्यक्ति को बवासीर (Piles) की समस्या हो जाती है, उसमें नीचे दिए गए लक्षण दिखाई देते हैं-

  • मल त्याग के समय तेज दर्द होना।
  • एनस के आसपास सूजन या गांठ जैसा लगना।
  • एनस के आसपास के हिस्सों में खुजली होना।
  • मल त्याग के बाद भी ऐसा लगना कि पेट ठीक से साफ नहीं हुआ है।
  • पाइल्स के मस्सों से सिर्फ खून आना।

इसके अलावा, आप 88569-88569 पर कॉल करके भी डॉक्टर से FREE सलाह ले सकते हैं।

Piles

2.पाइल्स होने का कारण क्या है?

वैसे तो पाइल्स होने के कई कारण होते हैं, लेकिन उनमें से जो प्रमुख हैं उनका जिक्र नीचे किया गया है-

  • कब्ज की वजह से पेट साफ नहीं होता है और मल त्याग में जोर लगाना पड़ता है जिसकी वजह से पाइल्स की समस्या हो जाती है।
  • जो लोग काफी लम्बे वक़्त खड़े होकर काम करते हैं, उन्हें भी बवासीर की समस्या हो जाती है।
  • मोटापा के कारण भी पाइल्स की समस्या हो जाती है।
  • कई महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान भी पाइल्स की समस्या हो जाती है।
  • कई महिलाओं को डिलीवरी के बाद भी पाइल्स की  समस्या हो सकती है।
  • यदि परिवार में किसी को बवासीर है, तो उस परिवार के सदस्यों में बवासीर होने का खतरा बढ़ जाता है।

इसके अलावा, आप 88569-88569 पर कॉल करके भी डॉक्टर से FREE सलाह ले सकते हैं।

ये भी पढ़ें - बवासीर या पाइल्स (Piles) की दर्द से राहत पाने का रामबाण उपाय

3.पाइल्स में क्या नहीं खाना चाहिए

अगर किसी व्यक्ति को बवासीर की समस्या है, तो उसे फ्रेंच फ्राइज और ज्यादा तले हुए खाद्य पदार्थों के सेवन  से बचना चाहिए। दरअसल, ज्यादा तले और फ्राई फूड में  प्रचुर मात्रा में फैट होता है, जो पाचन तंत्र को प्रभावित कर इसे कमजोर बनाता है। वहीं, इसमें मिलाए जाने वाले मसाले अम्लता को बढ़ाते हैं और सूजन पैदा करते हैं।

4.गर्भावस्था के बाद बवासीर होने  के कारण

गर्भवती महिलाओं को प्रोजेस्टेरोन की वजह से कब्ज होने की संभावना  होती है, क्योंकि यह इनटेस्टनाइल ट्रैक्ट (आंत्र पथ) को धीमा कर देता है। वहीं, कब्ज के दौरान मल काफी सख्त हो जाता है। जिसके कारण बवासीर की समस्या और बढ़ जाती है। इसके अलावा,  डिलीवरी के दौरान बहुत ज्यादा दबाव बनाने की वजह से भी बवासीर हो सकता है।

Piles

5. बवासीर में चावल खाना चाहिए या नहीं?

अगर किसी व्यक्ति को बवासीर की समस्या हो जाए तो उसे कई बातों का ध्यान रखना पड़ता है, उन्हीं में से एक भोजन भी है। वहीं, अगर बात बवासीर से पीड़ित लोगों के भोजन की करें, तो उन्हें ओट्स, ब्राउन राइस, मल्टी ग्रेन ब्रेड आदि का सेवन करना चाहिए। ये आसानी से पच जाते हैं और शौच में दिक्कत नहीं होती है। वहीं, दही या छाछ के सेवन से पाचन क्रिया बेहतर होता है, जिससे मल त्याग में दिक्कत नहीं होती है।

6.बवासीर में कौन सी सब्जी खाएं?

अगर किसी व्यक्ति को बवासीर की समस्या है, तो उसे हाई फाइबर वाले अनाज जैसे -जौ, क्विनोआ, ब्राउन राइस, ओट्स और फलियां आदि का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा अलग-अलग प्रकार  के फल और सब्जियां जैसे- ब्रोकली, फूलगोभी,  गोभी, तोरी, कद्दू, बेल मिर्च, ककड़ी,तरबूज, नाशपाती, सेब, केला आदि का सेवन करना चाहिए।

ये भी पढ़ें - पुरुषों और महिलाओं में पाइल्स (Piles) या बवासीर के लक्षण

7.क्या बवासीर में दूध पीना चाहिए?

बेहतर है कि दूध को उबालकर इस्तेमाल करें। दरअसल  दूध को उबालकर पीने के बाद  बैक्टीरिया का खतरा नहीं रहता है और इसका लाभ कच्चे दूध जैसा ही होता है। वहीं, मलेरिया, सामान्य बुखार, सूखी खांसी, निमोनिया, शारीरिक दुर्बलता, हृदय संबंधी रोग, जलन, बवासीर, मिर्गी, मानसिक रोग, हड्डियों व जोड़ों के दर्द आदि में मरीज को दवाओं के साथ दूध का सेवन जरूर करना चाहिए।

 यदि आप बवासीर या पाइल्स की समस्या से पीड़ित हैं, तो 88569-88569 पर #BasEkCall करके Medpho के डॉक्टर से FREE सलाह ले सकते हैं।