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-January 17, 2022

ठंड के मौसम में कई गुना बढ़ जाता है हार्ट अटैक का खतरा, जानें - कारण और बचाव

सर्दियों में रक्तवाहिनियां के सिकुड़ जाने का प्रभाव हार्ट को खून पहुंचाने वाली धमनियों पर पड़ता है, इसलिए हृदय रोगियों में हार्ट अटैक (heart attack) का खतरा सर्दियों बढ़ जाता है। इसके अलावा, ठंड के प्रति संवेदनशील होने की वजह से बच्चे, बुजुर्ग और हृदय रोगियों (heart patient) में सर्दियों में हाइपोथर्मिया का खतरा भी रहता है। वहीं, सर्दियों में कोरोनरी हृदय रोग (coronary heart disease) से पीड़ि‍त लोग अक्सर सीने में दर्द या बेचैनी (एनजाइना) से पीड़ित रहते हैं।

सर्दियों में बढ़ जाता है दिल के दौरे का जोखिम (heart attack risk increases in winter)

सर्दियों में हृदय रोगियों में हार्ट अटैक (heart attack) का खतरा असल में तापमान में गिरावट की वजह से बढ़ जाता है। गौरतलब है कि सर्दियों में शरीर के तापमान में गिरावट और विटामिन D के स्तर में कमी, शरीर में रक्त के गाढ़ेपन में वृद्धि कर हृदय रोगों (heart diseases) का जोखिम बढ़ा देती है। वहीं, तेज हवा और बारिश शरीर के तापमान को और कम कर देते हैं। इस वजह से रक्तचाप (blood pressure) अचानक बढ़ जाता है, जिससे दिल के दौरे (heart attack) का जोखिम उत्पन्न हो जाता है।

Heart attack in winter

1.हार्ट अटैक का खतरा किन लोगों को अधिक होता है?

डॉ आरिफ खान (हृदय रोग विशेषज्ञ) के मुताबिक, ठंड के मौसम जब तापमान गिरता है, तो शरीर की अपनी गर्मी को नियंत्रित करने के लिए दोगुनी मेहनत करनी पड़ती है। जिन लोगों को पहले से ही हृदय रोगों (heart diseases) की समस्या है, या जिनको पहले हार्ट अटैक (heart attack)  हो चुका है, उन्हें ठंड के मौसम में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। वहीं ठंड के मौसम में शरीर की ऑक्सीजन की जरूरत भी बढ़ जाती है। हृदय को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन न मिल पाने की वजह से भी दिल के दौरे का जोखिम (heart attack risk) बढ़ जाता है। इसके अलावा, आप 88569-88569 पर #BasEkCall कर Medpho के डॉक्टर से Free सलाह ले सकते हैं।

2.ठंड के मौसम में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ने के पीछे कारण क्या हैं?

ठंड के मौसम में धुआं और प्रदूषण, वातावरण में जमीनी स्तर पर घिरे रहने से सीने में संक्रमण और सांस लेने की समस्याएं पैदा करते हैं। वहीं, ठंड के मौसम में बीपी भी बढ़ जाता है और रक्त की पूर्ति पर्याप्त मात्रा में नहीं होने के वजह से रक्त वाहनियां सिकुड़ जाती हैं। इसके अलावा, सर्दियों में हम ज्यादा कैलोरी से भरपूर भोजन करते हैं। इस वजह से कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने की संभावना अधिक होती है तथा ब्लड सर्कुलेशन अवरुद्ध होने लगता है और इन सभी से हार्ट अटैक के मामले में वृद्धि होने की संभावना रहती है।

3.हार्ट अटैक के खतरे का संकेत कैसे पहचानें?

सबसे पहले आप अपने फ्लूड इनटेक और कितना मूत्र त्याग रहे हैं उसको मापें। यदि आप जिस अनुपात में पानी का सेवन कर रहे हैं, उसके मुकाबले यदि पेशाब कम हो रहा है तो इसका मतलब है कि तरल पदार्थ फेफड़ों में जमा हो रहा है, जो जल्द ही हार्ट फेल्योर (heart failure) के लक्षण के रूप में सामने आयेगा। इसके अलावा, अगर आपकी छाती में जलन या बेचैनी महसूस होती है,जबड़े या हाथ में दर्द होकर छाती तक फैलने के अलावा अचानक थकावट या पसीना महसूस होता है, तो यह सभी हार्ट अटैक (heart attack) के दौरे का संकेत देते हैं।

अकसर पूछे जाने वाले सवाल

1.सर्दियों में हार्ट के मरीज क्या न करें?

अगर आपको दिल की बीमारी है तो इन बातों ध्यान रखें-

  • नमक कम से कम खाएं।
  • न सुबह जल्दी उठें और न जल्दी सैर पर जाएं।
  • सर्दी से खुद को बचाकर रखें।
  • ज्यादा पानी न पिएं।

Heart attack

2. सर्दियों में हार्ट अटैक से बचाव कैसे करें?

सर्दियों के मौसम में शरीर को सक्रिय बनाए रखें, बाहर व्यायाम करने से बेहतर है घर में ही हल्के व्यायाम करते रहें। नियमित शारीरिक गतिविधि और व्यायाम आपकी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के साथ हार्ट अटैक के जोखिम को कम करने में सहायक है। इसके अलावा, आप 88569-88569 पर #BasEkCall कर Medpho के डॉक्टर से Free सलाह ले सकते हैं।

3.ठंड में हार्ट अटैक का खतरा क्यों बढ़ता है?

ठंड के मौसम में नसें ज्यादा सिकुड़ती हैं और सख्त बन जाती हैं। इससे नसों को गर्म और एक्टिव करने के लिए ब्लड का फ्लो बढ़ जाता है जिससे ब्लड प्रेशर भी बढ़ जाता है। ब्लड प्रेशर बढ़ने से हार्ट अटैक होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

यदि आप हार्ट अटैक का कोई भी लक्षण महसूस कर रहे हैं, तो देर ना करें तुरंत 88569-88569 पर #BasEkCall करें और Medpho के डॉक्टर से FREE परामर्श लें।