Loading...

ब्लॉग

घर   ब्लॉग

-November 09, 2021

नींद में कमी भी है डायबिटीज होने का कारण, ऐसे करें खुद को सुरक्षित

डायबिटीज (diabetes) यानि शुगर एक मेटाबॉलिक डिसॉर्डर है, इस बीमारी में  मरीज के शरीर में मौजूद रक्त में ग्लूकोज़ का स्तर बहुत अधिक होता है। जिसकी वजह से पीड़ित व्यक्ति के शरीर में पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन नहीं बन पाता है और शरीर की कोशिकाएं ठीक से काम नहीं कर पाती हैं। कई लोगों को लगता है कि डायबिटीज एक लाइलाज बीमारी है लेकिन ऐसा नहीं है अगर आपने शुरूआत में ही डायबिटीज की पहचान कर इसका इलाज शुरू कर दिया तो इसे आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है। 

डायबिटीज क्या है? (what is diabetes)

 डायबिटीज की स्थिति तब पैदा होती है जब शरीर में इंसुलिन नहीं बन पाता है। बता दें कि हम दिन भर में जो कुछ भी खाते हैं उससे हमारी बॉडी को ग्लूकोज मिलता है। जिसका इस्तेमाल कोशिकाएं शरीर को ऊर्जा प्रदान करने के लिए करती हैं। लेकिन जब शरीर में इंसुलिन नहीं बन पाता है तो कोशिकाओं को काम करने में काफी परेशानी होती हैं। ऐसे में ग्लूकोज ब्लड में ही इकट्ठा होने लगता है जिसकी वजह से व्यक्ति शुगर रोग का शिकार हो जाता है।

डायबिटीज के प्रकार (types of diabetes)

आमतौर पर डायबिटीज 3 प्रकार के होते हैं जो की निम्न है- 

  • टाइप-1 डायबिटीज (type 1 diabetes)
  • टाइप-2 डायबिटीज (type 2 diabetes)
  • जेस्टेशनल डायबिटीज 

डायबिटीज के कारण (reason for diabetes)

 जब हमारा शरीर रक्त में ग्लूकोज़ और शुगर का इस्तेमाल ठीक ढंग से नहीं कर पाता है तो इस स्थिति में व्यक्ति को शुगर की समस्या हो जाती है। जिसके मुख्य कारण नीचे दिए गए हैं-

1.अनियमित जीवनशैली

 टाइप-2 डायबिटीज होने के पीछे कारण है अधिक फैट, हाई बीपी, रात में देर से सोना, सुबह जल्दी ना उठना, नशा करना और अधिक धुम्रपान करना आदि। 

2.मीठा खाना

 ज्यादा मीठा खाने से शरीर मे ब्लड शुगर की मात्रा काफी बढ़ जाती है जिससे शुगर यानि डायबिटीज होने का खतरा रहता है। 

Diabetes

3.इंसुलिन कम बनना

 शरीर में इंसुलिन कम बनने से कोशिकाएं ठीक ढंग से काम नहीं करती हैं और रक्त में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ने लगती है जिससे व्यक्ति डायबिटीज का शिकार हो जाता है। 

4.मोटापा

वजन बढ़ने से शरीर में कई तरह की दिक्कतें हो जाती हैं जिनमें से डायबिटीज भी एक है। 

5.नींद में कमी

आजकल इस अस्त-व्यस्त जीवनशैली की वजह से लोग जल्दी उठते हैं और देर से सोते हैं जिसकी वजह से नींद पूरी नहीं हो पाती है और शरीर में कई तरह के रोग लग जाते हैं, जिनमें से डायबिटीज भी एक है।

डायबिटीज के लक्षण (Diabetes symptoms)

अक्सर लोग डायबिटीज को लाइलाज बीमारी समझते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। अगर आपने शुरू से ही इसके लक्षणों पर ध्यान दिया तो इसे बेहद आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है। अगर कोई व्यक्ति शुगर रोग का शिकार होता है तो उसे नीचे दिए गए लक्षण (Diabetes symptoms) महसूस होते हैं। 

1.ज्यादा प्यास लगना

डायबिटीज के रोगियों को ज्यादा पेशाब आने की दिक्कतें हो जाती हैं, जिसकी वजह से प्यास भी अधिक लगती है। आपको बता दें कि ज्यादा प्यास लगना टाइप-2 डायबिटीज के लक्षण (signs of diabetes) हैं। 

2.भूख लगना  

जब कोई व्यक्ति शुगर से पीड़ित होता है तो उसे भूख अधिक लगती है। क्योंकि डायबिटीज के कारण शरीर में इंसुलिन की कमी हो जाती है जिसकी वजह से खाया हुआ खाना एनर्जी में नहीं बदल पाता है और व्यक्ति खुद को पूरे दिन भूखा महसूस करता है। 

3.घाव का ना भरना

घाव ना भरना या चोट का जल्दी ठीक ना होना भी डायबिटीज के लक्षण हैं। इस स्थिति में व्यक्ति टाइप-2 डायबिटीज का शिकार हो जाता है। डायबिटीज टाइप-2 के मरीज़ो में ऐसा लक्षण (diabetes ke lakshan) देखने को मिलते है।  

4.वजन कम होना

अगर आपको लगता है कि आपका वजन अचानक ही कम होने लगा है, या आप भरपूर डाइट लेते हैं फिर भी वजन कम होने लगा है तो समझ जाएं कि आप डायबिटीज रोग के शिकार हैं।

Diabetes

डायबिटीज का इलाज (diabetes treatment)

अगर डायबिटीज को शुरू में ही पहचान लिया गया तो कुछ दवाइयों की मदद से और परहेज से इसे कंट्रोल किया जा सकता है। हालांकि टाइप-1 डायबिटीज का कोई स्थायी इलाज नहीं है इसलिए इस रोग से पीड़ित व्यक्ति को लाइफ टाइम शुगर का मरीज बनकर रहना पड़ता है। ऐसे लोगों के लिए इंसुलिन लेना ज़रूरी हो जाता है जिससे वो डायबिटीज को कंट्रोल (how to control diabetes) कर सकें। इससे अलग टाइप-2 डायबिटीज के मरीज बिना किसी दवा के ही शुगर कंट्रोल कर लेते हैं। टाइप-2 डायबिटीज (diabetes in hindi) के लोग एक्सरसाइज, संतुलित भोजन, समय पर नाश्ता (food for diabetics) करके ही वजन कंट्रोल कर सकते हैं और डायबिटीज से छुटकारा पा सकते हैं। इसके अलावा कुछ ओरल एंटीबायोटिक्स दवाइयों का इस्तेमाल भी टाइप-2 डायबिटीज को कंट्रोल करने में फायदेमंद साबित होती हैं। 

अगर आप डायबिटीज से जुड़ी किसी भी समस्या का सामना कर रहे हैं तो Medpho हेल्पलाइन नंबर 88569-88569 #BasEkCall करके डॉक्टर से FREE सलाह ले सकते हैं।