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-December 21, 2021

डायबिटीज है 'साइलेंट किलर', जानें – लक्षण, कारण, प्रकार और बचाव

डायबिटीज़ (diabetes), इस बीमारी का नाम सुनना इन दिनों आम हो गया है। खराब जीवनशैली की वजह से दुनियाभर में डायबिटीज के सबसे ज्यादा मामले भारत में ही हैं। दरअसल, भारत की लगभग 5 फीसदी आबादी डायबिटीज की समस्या से पीड़ित है। वहीं, जिन लोगों में डायबिटीज होने की संभावना (chances of diabetes) अधिक होती है, उनमें पहले से ही diabetes के कई लक्षण सामने आते हैं। लेकिन, डायबिटीज के बारे में जानकारी (information about diabetes) नहीं होने की वजह से लोग लक्षणों को पहचान नहीं पाते हैं। ऐसे में आप सभी के लिए ये जानना बेहद ज़रूरी है कि आखिर डायबिटीज क्या है? डायबिटीज के क्या लक्षण होते हैं?

डायबिटीज़ क्या है? (What is Diabetes?)

आसान भाषा में बताया जाए तो किसी भी व्यक्ति को मधुमेह (diabetes) तब होता है जब उसके खून में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है। ऐसा तब होता है जब इन्सुलिन, जो की एक हार्मोन है, अपना काम सही ढंग से नहीं कर पाता है। इन्सुलिन का काम शरीर में बनने वाले ग्लूकोज़ को एनर्जी में बदलना है। लेकिन जब इन्सुलिन के काम में दिक्कत आने लगती है तब ब्लड में मौजूद ग्लूकोज़, एनर्जी में बदलने की जगह वहीं ठहर जाता है। ब्लड में जब ग्लूकोज़ का स्तर बढ़ने लगता है तो व्यक्ति डायबिटीज का शिकार हो जाता है। अगर समय रहते डायबिटीज की जाँच और इलाज नहीं किया जाए तो किडनी, दिल, नर्व, आंख, और त्वचा से जुड़ी अन्य समस्याएं भी पैदा होने लगती हैं।

डायबिटीज़ के प्रकार (Types of Diabetes)

डायबिटीज़ मुख्यतौर पर 3 तरह की होती है। आइए नीचे इनके बारे में विस्तार से जानते हैं।

टाइप 1 डायबिटीज़ : 

जिस व्यक्ति को टाइप 1 डायबिटीज़ होती है (type 1 diabetesउनके शरीर का इम्यून सिस्टम इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं को नष्ट कर देता है। ऐसा होने पर इन्सुलिन बन नहीं पाता है। इन हालातों में पीड़त मरीज़ को इंसुलिन के इंजेक्शन दिए जाते हैं।

टाइप 2 डायबिटीज़ क्या है? : 

इस स्थिति में शरीर में इंसुलिन की मात्रा कम हो जाती है या शरीर मौजूदा इंसुलिन का इस्तेमाल सही ढंग से नहीं कर पाता है। टाइप 2 डायबिटीज़ होना (what is type 2 diabetesआम बात है, यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को अपना शिकार बना सकता है।

           Diabetes  

गर्भावधि मधुमेह (Gestational Diabetes):  इस प्रकार का डायबिटीज़ गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को चपेट में लेता है। कई मामलों में प्रग्नेंसी के दौरान महिलाओं को टाइप 2 डायबिटीज़ भी होता है।

बता दें कि डायबिटीज़ के अन्य प्रकार भी होते हैं। इनमें, मोनोजेनिक डायबिटीज़ और सिस्टिक फाइब्रोसिस शामिल है। जीन में दोष की वजह से मोनोजेनिक डायबिटीज़ होता है वहीं जिन व्यक्तियों को सिस्टिक फाइब्रोसिस होता है वो इस प्रकार के डायबिटीज़ से भी पीड़ित हो जाते हैं। 

क्या है डायबिटीज़ के लक्षण (Diabetes symptoms in Hindi)

1.बार-बार प्यास लगना: अगर प्यास बार-बार लग रही है तो हो सकता है आप डायबिटीज़ के शिकार हों।

2.पेशाब का सामन्य से अधिक बार आना: अगर आप ज़रूरत से ज्यादा बाथरूम जा रहे हैं तो यह डायबिटीज़ का एक लक्षण (one of the reasons for diabetes) हो सकता है।

3.ज़्यादा भूख लगना: खाना खाने के बाद भी भूख लगना और लगातार खाने की इच्छा होना भी डायबिटीज़ का लक्षण हो सकता है।

4.थकान महसूस होना: ज़रा सी शारीरिक गतिविधि करने पर भी थकान का महसूस होती है तो हो सकता है कि आपको शगुर की शिकायत हो।

5.आंखों से धुंधला दिखाई देना: आंखों की रोशनी में अगर कमी होने लगे और आपको धुंधला दिखाई दे तो मधुमेह हो सकता है। 

6.हाथ और पैरों में झुनझुनाहट महसूस होना: समय-समय पर हाथ और पैरों में झनझनाहट का महसूस होना।

7.घाव का समय पर नहीं भरना: अगर आपके शरीर में कहीं चोट लगी है और वो समय से नहीं भर रही है तो हो सकता है आपका शुगर लेवन बढ़ा हो।

8.वज़न का लगातार घटना: वजन में लगातार गिरवाट हो रही है तो डायबिटीज़ हो सकता है।

अधिक जानकारी के लिए  88569-88569 पर #BasEkCall कर  Medpho के डॉक्टर से Free में बात कर प्राप्त कर सकते हैं।

डायबिटीज़ के कारण (Reason for Diabetes)

शरीर जब रक्त में मौजूद ग्लोकज़ का इस्तेमाल एनर्जी के रूप में बदलने में नहीं कर पाता है, तो व्यक्ति शुगर का शिकार हो जाता है। डायबिटीज़ होने के कुछ मुख्य कारण हैं: 

टाइप 1 डायबिटीज़ के कारण (Type 1 Diabetes)

  • इम्यून सिस्टम के इंसुलिन के निर्माण करने वाली कोशिकाओं की वजह से
  • किसी प्रकार के इंफेक्शन के कारण
  • परिवार में पहले से किसी को अगर मधुमेह है, तो आपको भी डायबिटीज़ होनी की संभावना हो सकती है।

टाइप 2 डायबिटीज़ के कारण

  • अधिक वज़न के कारण
  • शारीरिक गतिविधियों में कमी
  • इंसुलिन का काम जब सही ढंग ले नहीं हो पाता है।
  • टाइप 2 डायबिटीज़ अनुवांशिक हो सकता है।

         Diabetes

गर्भावधि डायबिटीज़ का कारण

  • गर्भावस्था के दौरान 25 साल से ज़्यादा उम्र का होना। 
  • परिवार में किसी को पहले से डायबिटीज़ होना
  • गर्भवास्था में हाई बीपी की शिकायत होना।
  • अधिक मात्रा में एमनियोटिक द्रव का होना।
  • गर्भ धारण करने के पहने वज़न का ज़्यादा होना।
  • POCS यानी पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम का होना।
  • जन्मे हुए बच्चे का वजन 4 किलो से ज़्यादा होना।

डॉक्टर के पास जांच के लिए कब जाएं?

  • अगर आप नीचे दिए गए लक्षणों का सामना कर रहे हैं, तो डॉक्टर के पास जल्द से जल्द जाएं।
  •  ब्लड प्रेशर बहुत ज़्यादा बढ़ जाने पर
  • जी मिचलाने या उल्टी होने पर
  • शुगर लेवल बड़ी मात्रा में नीचे चले जाए। कुछ सेवन करने के बाद भी सामान्य स्तर पर ना आए।
  • शरीर का तापमान 100 से ज़्यादा होने पर
  • बोलना, देखना और सुनना मुश्किल हो
  • कुछ याद करने व रखने में समस्या हो
  • सीने में तेज़ दर्द उठने पर
  • हाथ-पैर संबंधित गतिविधियां करने में परेशानी हो

अगर आप ऊपर बताए गए लक्षणों में से किसी एक लक्षण का भी सामना कर रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेने में देरी ना करें। आप हमारे अनुभवी डॉक्टर से 88569-88569 पर कॉल कर सलाह ले  सकते हैं। आप चाहें तो अपनी समस्या की जानकारी इस फॉर्म में भरकर भी दे सकते हैं।