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-November 18, 2021

जानें डेंगू के कारण लक्षण और इलाज

Dengue symptoms in hindi। हर साल बरसात के मौसम में तमाम तरह की बीमारियां पैदा होती हैं, जिनमें डेंगू (dengue) भी शामिल है। डेंगू बुखार एक मच्छर जनित बीमारी है जो मादा एडीज इजिप्टी मच्छर (which mosquito causes dengue) के काटने से होता है। डेंगू से पीड़ित व्यक्ति का ब्लड प्लेटलेट्स कम हो जाता है साथ ही तेज बुखार और चेहरे पर गुलाबी रंग के छोटे-छोटे दाने होना डेंगू के शुरूआती लक्षण हैं। डेंगू बुखार हल्का और गंभीर दोनों हो सकता है कई बार शुरूआती दिनों में तो इसके लक्षण भी दिखाई नहीं देते हैं तो कई बार इसके लक्षण 4 से 7 दिनों बाद नज़र आते हैं। आपको बता दें कि डेंगू होने पर लापरवाही करना मृत्यु का कारण भी बन सकता है। 

डेंगू होने के कारण (Causes of dengue)

ये तो आप जानते ही हैं कि बरसात के मौसम में पैदा होने वाले मच्छरों के काटने से डेंगू होता है, लेकिन हम आपको बता दें कि डेंगू (dengue) बुखार चार वायरसों के कारण होता है- डीईएनवी-1, डीईएनवी-3, डीईएनवी-2 और डीईएनवी-4। जब मादा एडीज इजिप्टी मच्छर इन वायरस से संक्रमित व्यक्ति को काटता है उसके बाद किसी स्वस्थ व्यक्ति के संपर्क में आता है तो इसे डेंगू होने का खतरा रहता है। 

डेंगू (what is dengue) की चपेट में वो लोग भी जल्दी आते हैं जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है जिसमें बच्चे और बुजुर्ग लोग शामिल हैं। इसके अलावा दिल और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित लोगों को भी डेंगू होने का खतरा अधिक रहता है। इसके अलावा भी कई ऐसे कारण हैं जिसकी वजह से डेंगू रोग होता है जैसे- 

1.डेंगू पीड़ित क्षेत्र में रहना 

अगर आप किसी ऐसे क्षेत्र में रहते हैं जहां डेंगू मच्छरों का प्रकोप अधिक है तो ऐसे में आप भी डेंगू के शिकार हो सकते हैं क्योंकि इससे संक्रमण फैलने का खतरा (causes of dengue) रहता है। 

Dengue

2.पहले डेंगू से संक्रमित होना

जो लोग पहले डेंगू के शिकार हो चुके हैं और अगर वो दोबारा डेंगू के शिकार हुए तो दूसरी बार डेंगू अधिक गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। 

3.अस्वच्छता 

अगर आप किसी ऐसे क्षेत्र में रहते हैं जहां साफ-सफाई नहीं है या आपके आस-पास गंदगी है तो इस स्थिति में मच्छर पैदा होते हैं और यही मच्छर आपको दूषित करते हैं। 

डेंगू के लक्षण (Dengue ke lakshan)

आमतौर पर डेंगू की शुरूआत बुखार और हड्डियों में दर्द से शुरू होती है। जो दिखने में काफी आम से लगते हैं, यही कारण है अक्सर लोग डेंगू बुखार को आम समझकर इसे नज़रअंदाज कर देते हैं, जिसके बाद स्थिति गंभीर होती चली जाती है। तो चलिए जानते हैं डेंगू बुखार को और किन लक्षणों (7 warning signs of dengue fever) से पहचाना जा सकता है- 

1.मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
2.बुखार आना
3.उल्टी लगना और जी मिचलाना
4.चेहरे पर लाल व गुलाबी रंग के चकत्ते
5.आंखों के पीछे दर्द (dengue ke lakshan)

अगर आप इस तरह की किसी समस्या का सामना कर रहे हैं तो 88569-88569 पर #BasEkCall करें और डॉक्टर से FREE सलाह लें।

डेंगू बुखार का इलाज (Dengue treatment) 

सर्दियों का मौसम शुरू होते ही डेंगू का खतरा भी बढ़ने लगता है, ऐसे में जिन लोगों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है उन्हे डेंगू से सबसे ज्यादा खतरा रहता है। इसलिए अगर आप चाहते हैं कि आपका इम्यून सिस्टम अच्छा हो और आप डेंगू रोग से बचे रहे तो आप नीचे दिए गए टिप्स फॉलो कर सकते हैं। 

1.पपीते के पत्ते 

पपीत्ते के पत्ते का रस डेंगू के बुखार में काफी फायदेमंद माना जाता है। डेंगू बुखार होने पर पपीत्ते के पत्तों के आक को एक गिलास पानी में उबालें और ये तबतक उबालें जबतक ये आधा ना रह जाए। जब पानी जलकर आधा रह जाए तो इसका सेवन करें ये डेंगू बुखार को कम करने के साथ-साथ प्लेटलेट्स (dengue platelet count) का भी काम करता है।

2.नीम के पत्ते 

नीम के पत्ते तमाम औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं, डेंगू में नीम के पत्ते वायरस के विकास को रोकने और शरीर में फैले संक्रमण मारने का काम करता है। 

3.हर्बल टी

हर्बल टी से शरीर को पोषक तत्व मिलते हैं जो स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद (dengue treatment) है। डेंगू में हर्बल टी पीने से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है जिससे शरीर को डेंगू से लड़ने की शक्ति मिलती है। 

4.नारियल पानी

डेंगू में अक्सर पीड़ित व्यक्ति को डिहाईड्रेशन हो जाती है जो नारियल पानी से दूर होती है। इसके अलावा नारियल पानी में एंटीऑक्सीडेंट्स के साथ-साथ अमीनो एसिड, एंजाइम्स और विटामिन सी जैसे तमाम पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो बुखार और कमज़ोरी को भी दूर करते हैं।

Dengue

5.कीवी

कीवी एक ऐसा फल है (how to increase platelet count in dengue) जिसका इस्तेमाल ज्यादातर बीमारियों में किया जाता है। कीवी पोटेशियम, फाइबर, विटामिन सी, ई व फोलेट से भरपूर फल है ये हमारे इलेक्ट्रोलाइट लेवल को भी बैलेंस रखता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है। 

6.गिलोय

डेंगू में ज्यादातर लोग गिलोय का इस्तेमाल करते हैं क्योंकि ये इम्यून सिस्टम बढ़ाने का काम करता है। आयुर्वेद में भी गिलोय को डेंगू बुखार के लिए अहम जड़ी बुटी माना जाता है। गिलोय के इस्तेमाल के लिए आप गिलोय के तने उबाल लें और जब ये आधा रह जाए तब इस काढ़े का सेवन करें। गिलोय डेंगू के लक्षणों को कम करने में मदद करता है।

डेंगू से बचाव (Dengue prevention)

किसी भी तरह की बीमारी से बचने का सबसे अच्छा और आसान तरीका है बचाव, बचाव आपको हर गंभीर बीमारी से दूर रख सकता है। अगर आप बरसात के दिनों में पहले से ही सावधानी रखें और मच्छरों से बचकर रहें तो डेंगू (dengue symptoms) आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकता है। 

1.भरपूर बाजू के कपड़े पहनें।
2.घर के आसपास पानी एकत्रित ना होने दें।
3.व्यक्तिगत स्वच्छता (dengue symptoms) का ध्यान रखें।
4.रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली चीज़ों का सेवन करें।
5.डिहाइड्रेशन से बचाव करें।

अगर आप इस तरह की किसी समस्या का सामना कर रहे हैं तो 88569-88569 पर #BasEkCall करें और डॉक्टर से FREE सलाह लें।