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-February 11, 2022

कोविड-19 वैक्सीन के फायदे और उससे जुड़ी जरुरी जानकारियां

कोविड-19 वायरस, अलग-अलग लोगों को अलग-अलग तरह से प्रभावित करता है। इससे  संक्रमित हुए ज़्यादातर लोगों को थोड़े से लेकर मध्यम लक्षण तक की बीमारी होती है और वे अस्पताल में भर्ती हुए बिना भी ठीक हो जाते हैं। इस वायरस का कहर 2019 दिसंबर में चीन के वुहान में शुरू हुआ था। वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोरोना वायरस को महामारी घोषित कर दिया है। ऐसे में आइए कोविड-19 वैक्सीन (Covid-19 Vaccine) से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी के बारे में जानते हैं-

कोविड-19 वैक्सीन के फायदे (Benefits of Covid-19 Vaccine)

इंडियन काउंसिल और मेडिकल रिसर्च और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी (ICMR-NIE) के एक एनालिसिस के अनुसार, कोविड-19 की वजह से हो रही मौतों को रोकने में वैक्सीन काफी कारगर है। इसके अलावा, स्टडी में पता चला है कि कोविड-19 वैक्सीन का एक डोज मौत को रोकने में 82% कारगर है। जबकि, दोनों डोज 95% तक मौत से बचा सकते हैं।

Covid-19 vaccine

कोविड-19 वैक्सीन की दूसरी खुराक क्यों है जरूरी?

एक स्टडी के अनुसार, कोविड-19 के टीके (वैक्सीन) की दूसरी खुराक रोग-प्रतिरोधक  को शक्तिशाली बनाती है जोकि इन्फेक्शन से सुरक्षा प्रदान करता है। इसलिए रिसर्च  में कहा गया है कि कोविड-19 वैक्सीन की दूसरी खुराक सभी को जरूर लगवानी चाहिए। बता दें कि यह शोध स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के जांचकर्ताओं की अगुवाई में किया गया है। 

भारत में उपलब्ध कोविड-19 वैक्सीनों के नाम

मौजूदा वक़्त में देश में कोरोा से बचाव के लिए 4 वैक्सीन - सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया और ऑक्सफ़ोर्ड-एस्ट्राज़ेनेका के सहयोग से बनी कोविशील्ड (Covishield), भारत बायोटेक की कोवैक्सीन (Covexin), रूस की स्पुतनिक V (Sputnik V) और मॉडर्ना (Moderna) उपलब्ध हैं।

इन बीमारियों में फायदेमंद है कोविड-19 वैक्सीन

मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, कुछ समय पहले यूनिवर्सिटी ऑफ साउदर्न यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने अपनी रिसर्च में पाया था कि कोविड-19 वैक्सीन, Coronavirus से तो सुरक्षा प्रदान करती ही है, लेकिन साथ ही साथ यह Mental Health को भी फायदा पहुंचा सकती है। वहीं, इस रिसर्च में 8 हजार लोग शामिल हुए थे, जिन्हें वैक्सीन का पहला डोज लग चुका था।

रिसर्चर्स के मुताबिक, वैक्सीनेशन (Vaccination) से हार्ड इम्यूनिटी डेवलप होने से लोगों में चिंता, डिप्रेशन, तनाव कम करने में काफी योगदान मिला था। यानी कि वैक्सीन मानसिक सेहत (Mental Health) पर भी काफी अच्छा प्रभाव दिखा रही है।

कोविड-19 वैक्सीन की बूस्टर डोज जरूरी क्यों है?

हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक, बूस्टर डोज एंटीबॉडी के लेवल को बढ़ा देती है। इसके बाद इम्यूनिटी पहले से ज्यादा मजबूत हो जाती है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आपको कोरोना का खतरा नहीं है। हालांकि, नए वैरिएंट ओमिक्रोन के खतरे को इसके जरिए काफी कम किया जा सकता है।

कौन से वैक्सीन का बूस्टर डोज लगाया जाएगा?

आपने पहले जिस वैक्सीन दोनों डोज ली हैं, आपको उसी का बूस्टर डोज लगाया जाएगा। अगर आपने कोविशील्ड की दोनों डोज लगवाई है तो आपको कोविशील्ड का बूस्टर डोज लगेगा।

कोविड-19 वैक्सीन  का बूस्टर डोज, दूसरी डोज के कितने दिन बाद लगेगा?

प्राप्त जानकारी के मुताबिक आपकी दूसरी डोज और बूस्टर लगवाने के बीच 39 हफ्ते यानी 9 महीने का अंतर होना जरूरी है। यानि अगर आपने अप्रैल में दूसरी डोज लगवाई है, तो आपको बूस्टर डोज लग सकती है।

ये भी पढ़ें - Omicron variant से जुड़े 5 बड़े सवाल

बच्चों पर कोविड-19 वैक्सीन  कितनी असरदार है? 

फाइजर की बच्चों वाली वैक्सीन

  • Pfizer-BioNTech की Comirnaty वैक्सीन को मंजूरी दी गई है।
  • अमेरिका में 12 से 15 साल के बच्चों के लिए मंजूरी मिली है।
  • दो डोज तीन हफ्ते के अंतराल पर लगाए जाएंगे।
  • 96% प्रभावी है।
  • कनाडा में भी बच्चों को फाइजर की वैक्सीन लगाई जा रही है।

भारत बायोटेक की बच्चों वाली कोवैक्सिन

  • देश में भारत बायोटेक की कोवैक्सिन (Covaxin) को मंजूरी मिली है।
  • 12 से 18 साल की उम्र के बच्चों के लिए मंजूरी दी गई है।
  • बड़े लोगों जितनी बच्चों पर भी Covaxin प्रभावी है।
  • तीसरे फेज के क्लिनिकल ट्रायल में यह 77.8% प्रभावी पाई गई है।

Covid-19 vaccine

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1.कोविड-19 वायरस किस तरह फैलता है?

कोविड - 19  वायरस किसी पीड़ित व्यक्ति के खांसने या छींकने से सांस के कणों/बूंदों के सीधे संपर्क में आने से या वायरस से संक्रमित सतह को छूने से फैलता है।

2.मुझे मास्क कब पहनना चाहिए?

यदि आपको कोविड-19 की सांस से सम्बंधित किसी भी तरह के लक्षण हैं (खांसी और छींकना), तो  लोगों को बचाने के लिए आपको  मास्क पहनना चाहिए। वहीं, अगर आप मास्क पहनते हैं तो उसे सही ढंग से इस्तेमाल करने के बाद नष्ट कर देना चाहिए, जिससे उसका सही प्रभाव हो और उससे किसी और में वायरस का इन्फेक्शन न फैले।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि केवल मास्क पहनने से ही इन्फेक्शन से बचाव नहीं होता है, इसलिए इसके साथ बार-बार हाथ धोना, छींकते और खांसते समय मुंह और किसी सर्दी या फ्लू के लक्षणों (खांसी, छींक, बुखार) वाले व्यक्ति से सीधे संपर्क से बचना बेहद जरूरी है। 

3.क्या Covid-19 से पीड़ित माँ के द्वारा अपने बच्चे को स्तनपान करना सुरक्षित है?

Covid-19 से प्रभावित या अधिक जोखिम वाले क्षेत्रों में रहने वाली या बुखार, खांसी या सांस की तकलीफ की लक्षण वाली माताओं को डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए और उनका पालन करना चाहिए।


अगर आप कोविड-19 या कोविड-19 वैक्सीन से संबंधित किसी तरह की जानकारी पाना चाहते हैं, तो 88569-88569 पर करके Medpho के डॉक्टर से FREE सलाह ले  सकते हैं।