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-September 20, 2021

क्या है अस्थमा? जानें कारण, लक्षण और इलाज

अक्सर लोगों के शरीर में कई आम दिखने वाली बीमारियां हो जाती हैं जिसे लोग नज़रअंदाज़ कर देते हैं, और यही लापरवाही समय बीतने के साथ-साथ उनके लिए मुसीबत बन जाती है। इन्ही बीमारियों मे से एक है अस्थमा यानि दमा रोग (how to pronounce asthma) अस्थमा सांस से जुड़ी बीमारी है, जिसे दमा भी कहते हैं। इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति के श्वसन तंत्र बुरी तरह प्रभावित हो जाते हैं। इसके अलावा अस्थमा रोग पीड़ित व्यक्ति के हार्ट और फेफड़ों पर भी बुरा असर डालते हैं। चिंता की बात तो ये है कि अक्सर सर्दियां आते ही अस्थमा से पीड़ित व्यक्ति की परेशानियां बढ़ने लगती हैं, जिनपर समय रहते ध्यान ना देने से व डॉक्टर की सलाह न लेने से पीड़ित व्यक्ति के शरीर में कई और घातक बीमारियां अपना घर बना लेती हैं।

अस्थमा (दमा) क्या है? (What is Asthma?)

इस बीमारी को दमा और अस्थमा दोनों नामों से जाना जाता है (what is asthma) अस्थमा से पीड़ित व्यक्ति की श्वास नलियाँ संकुचित हो जाती हैं, जिसकी वजह से छाती में भारीपन महसूस होने लगता है। इस स्थिति में पीड़ित व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ होती है और इस दौरान सीटी जैसी आवाज आती है। 

अस्थमा होने के कारण (What is the cause of Asthma disease)

तमाम ऐसे लोग हैं जो ये नहीं जानते की अस्थमा रोग होने के पीछे क्या कारण हैं (what is asthma disease) डॉक्टर्स की मानें तो अस्थमा अनुवांशिक कारणों से ज्यादा होता है, इसके अलावा भी कई ऐसे कारण हैं जिसपर ध्यान ना देने से व्यक्ति अस्थमा रोग का शिकार हो जाता है जैसे- 

1.धूम्रपान करना

 अस्थमा फेफड़े से जुड़ी बीमारी है जो धूम्रपान से हो सकती है। जिन लोगों को स्पोकिंग करने या शराब आदि पीने का शौक होता है वो लोग जल्दी अस्थमा के शिकार हो जाते हैं।  

2.मोटापा होना

 ये तो आप जानते ही हैं कि मोटापा कई सारी बीमारियों को दावत दे देता है। अगर आपके शरीर का वजन संतुलित नहीं है तो आप तमाम तरह की बीमारियों के शिकार हो सकते हैं। अस्थमा भी मोटापे की वजह से हो सकता है। ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिन्हे दमा मोटापे के कारण हुआ है। 

Asthma

3.स्ट्रेस लेना

स्ट्रेस की वजह से भी अस्थमा रोग होता है। आजकल हर दूसरा व्यक्ति तनाव की समस्या से गुजर रहा है जिसकी वजह से अस्थमा होना आम बात है (what is the cause of asthma disease)  

4.प्रदूषण होना

अस्थमा सांस से जुड़ी बीमारी है। अगर आपको धूल-मिट्टी से एलर्जी है और आप सावधानी नहीं रखते हैं तो आप भी अस्थमा रोग के शिकार हो सकते हैं। इसके अलावा अगर आप अस्थमा के रोगी हैं तो प्रदूषण के संपर्क में आने से आपकी समस्या और अधिक बढ़ सकती है। 

5.पालतू पशुओं के बाल

अगर आपको जानवरों का शौक है या पालतु पशुओं के साथ खेलना पसंद करते हैं तो ध्यान रखें, क्योंकि आप बेहद आसानी से अस्थमा रोग के शिकार हो सकते हैं। 

6.अनुवांशिकता

अनुवांशिकता अस्थमा होने का सबसे बड़ा कारण है। अगर आपके परिवार में कोई दमा रोग का शिकार है तो आपको भी ये बीमारी आसानी से हो सकती है। 

अस्थमा के लक्षण (What are the symtoms of Asthma)

अस्थमा के लक्षणों को सांस लेने में होने वाली तकलीफ से ही पहचाना जा सकता है। ये एक ऐसी बीमारी है जो बेहद तेज़ी से बढ़ती है, इसलिए इसके लक्षणों को जितनी जल्दी हो सके पहचानकर इसका इलाज शुरू कर देना चाहिए। अगर आप दमा या अस्थमा के मरीज़ हैं तो आपमें नीचे दिए गए लक्षण दिखाई दे सकते हैं। 

1.बार-बार खांसी आना 

वैसे तो सर्दी-खांसी काफी कॉमन बीमारी है जो मौसम में बदलाव या धूल-मिट्टी के संपर्क में आने से हो जाती है। लेकिन अगर आपको ये समस्या बार-बार हो रही है तो तुरंत डॉक्टर से दिखाना चाहिए। यह अस्थमा यानी दमा का संकेत हो सकता है। 

2.सांस लेने में सीटी जैसी आवाज आना 

अस्थमा सांस से जुड़ी ही बीमारी होती है इसलिए जब दमा रोग की शुरूआत होती है तभी से ही पीड़ित व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ महसूस होने लगती है। इस दौरान पीड़ित व्यक्ति को सांस लेते समय कई सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है जैसे- सांस लेने में भारीपन, छाती में दबाव और सांस के दौरान सीटी जैसी आवाज आना। अगर आपको लगे की आपकी सांस से सीटी की आवाज या घर्र-घर्र की आवाज आ रही है तो समझ जाएं की ये अस्थमा रोग के लक्षण हैं। 

3.सांस फूलना 

वैसे तो थकान और सीढ़ियां चढ़ने के कारण भी सांस भूलने लगती है लेकिन अगर बिना मेहनत के ही आपकी सांस भूलने लगे तो जितनी जल्दी हो सके डॉक्टर से सलाह लें क्योंकि ये अस्थमा रोग के लक्षण हो सकते हैं। 

4.सीने में जकड़न 

दिल की बीमारी के मरीज़ों में अक्सर सीने में जकड़न और भारीपन की शिकायत रहती है, लेकिन अस्थमा के शुरूआती लक्षणों में भी सीने में दर्द और जकड़न शामिल है। अगर आपको कोई बीमारी नहीं है आप खुद को पूरी तरह से स्वस्थ महसूस करते हैं फिर भी आपके सीने में जगड़न और भारीपन महसूस होता है तो ये अस्थमा का संकेत हो सकता है। 

5.समय-समय पर खांसी आना

आपको बता दें कि अस्थमा के रोगियों को रात में और सुबह के समय ज्यादा परेशानी होती है। इस दौरान सांस फूलना, बार-बार खांसी आना और सीने में जकड़न जैसी समस्याएं काफी बढ़ जाती हैं, इतना ही नहीं यही वो समय है जब पीड़ित व्यक्ति को अस्थमा अटैक सबसे ज्यादा पड़ता है। इसके अलावा ठंडी हवा में सांस लेने पर भी अस्थमा के रोगियों की परेशानी बढ़ जाती है। 

अस्थमा (दमा) का इलाज (How to control Asthma)

अस्थमा का इलाज दो पहलुओं को ध्यान में रखकर किया जाता है। पहला तो मरीज की स्थिति को देखकर उसे अस्थमा अटैक से बचाने के लिए दवाइयां चलाई जाती हैं उसके बाद धीरे-धीरे अस्थमा को कंट्रोल करने वाली दवाइयां दी जाती हैं। अगर कोई व्यक्ति अस्थमा रोग से पीड़ित है तो नीचे दिए गए तरीकों से अपना इलाज करवा सकता है- 

1.दवाइयां

सबसे पहले तो आपको ये बता दें कि अस्थमा का इलाज (how to control asthma) एलोपैथिक दवाइयों से ही बेहतर तरीकों से हो सकता है। दमा में डॉक्टर दो तरह की दवाइयों का इस्तेमाल करते हैं। ब्रोंकॉडायलेटर्स और स्टेरॉयड। ये दवाइयां अस्थमा को बढ़ाने वाले बलगम को कम करती हैं और इसके प्रभाव को रोकती हैं साथ ही छाती में होने वाली जकड़न को भी दूर करती है। 

2.अस्थमा इन्हेलर 

अस्थमा इन्हेलर दमा के मरीज़ों के लिए काफी फायदेमंद है, इसकी मदद से अस्थमा की दवाइयां फेफड़ों तक आसानी से पहुंचती हैं। कुछ लोगों को बड़े इन्हेलर का इस्तेमाल करने में परेशानी होती है ऐसे में डॉक्टर नेब्यूलाइजर लिख देते हैं ये एक मास्क की तरह होता है जिसे बड़े और बच्चे दोनों इस्तेमाल कर सकते हैं। 

Asthma

3.घरेलू उपचार 

कुछ लोग अस्थमा का इलाज घरेलू तरीकों से करना पसंद करते हैं। जैसे- 

  • लहसुन का सेवन करना
  • अंजीर भी अस्थमा में फायदेमंद है ये बलगम को ढीला करता है। 
  • मेथी के इस्तेमाल से सांस की परेशानी कम होती है। 
  • सरसो तेल और कपूर से छाती की मालिश करने से अस्थमा (how to control asthma) में फायदा मिलता है। 
  • गुनगुने पानी के साथ शहद का सेवन करने से अस्थमा के इलाज में मदद मिलती है।
  • अजवाइन के पानी का भाप लेने से भी अस्थमा में होने वाले खांसी-ज़ुकाम और सांस लेने में आने वाली समस्या को दूर किया जा सकता  है।

4.सावधानियां 

अस्थमा रोग मे सावधानियां रखना भी ज़रूरी है, अगर आप दवाइयों के साथ-साथ सावधानियों का भी ध्यान रखते हैं जैसे- ठंडी जगहों पर जाने से बचें, नियमित रूप से अस्थमा की दवाइयों का सेवन करें, हमेशा अपने पास अस्थमा इन्हेलर रखें, खानपान का ध्यान रखें और  शरीर में पानी की कमी ना होने दें। 

अगर आप अस्थमा से होने वाली समस्या से परेशान हैं तो फॉर्म को भरें और हमारे डॉक्टर से संपर्क करें। इसके अलावा आप 88569-88569 पर कॉल करके सीधे एक्सपर्ट्स से FREE सलाह भी पा सकते हैं।