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-November 24, 2021

कितने प्रकार का होता है गठिया रोग? जानें कारण लक्षण और इलाज

Arthritis knee pain treatment at home। गठिया को लोग अंग्रेजी में अर्थराइटिस (Arthritis meaning) के नाम से जानते हैं, इस बीमारी से शरीर के जोड़ों में सूजन आ जाती है। गठिया के रोगियों को घुटनों, एड़ियों, पीठ, कलाई और गर्दन के आसपास जोडो़ं में सूजन व दर्द की शिकायत रहती है। घुटनों के जोड़ों में होने वाले गठिया काफी दर्दनाक ( Ghutno mein dard ) होते हैं, ये पीड़ित व्यक्ति का चलना-फिरना भी मुश्किल कर देता है। इतना ही नहीं अगर अर्थराइटिस को पहचान कर शुरू में ही इसके इलाज पर ध्यान ना दिया जाए तो ये समय के साथ-साथ हड्डियों को भी नुकसान पहुंचाता है।

अर्थराइटिस (गठिया) क्या है? (What is arthritis?)

आयुर्वेद के अनुसार गठिया रोग रक्त यानि खून के दूषित होने की वजह से होता है इसलिए इसे वात और रक्त दूषित रोग भी कहा जाता है। अक्सर लोग सामान्य जोड़ों में दर्द को गठिया समझ लेते हैं लेकिन आम दर्द और गठिया (Arthritis) में काफी फर्क होता है। गठिया की स्थिति में जोड़ों के आसपास एक गाउट की तरह बन जाता है जिसकी शुरूआत पैर के अंगूठे से होती है।

गठिया के प्रकार (Types of Arthritis)

काफी लोग इस बात से अंजान हैं कि गठिया के दो प्रकार (Types of arthritis) होते हैं जो अक्सर जांच करवाने के बाद निकलकर सामने आते हैं और उसी के अनुसार इलाज (Arthritis treatment) किया जाता है।

1.ऑस्टियो अर्थराइटिस- ऑस्टियो अर्थराइटिस का शिकार होने पर पीड़ित व्यक्ति के कार्टिलेज या तो टूट जाते हैं या फिर घिस जाते हैं, जिसकी वजह से व्यक्ति को चलने-फिरने (Joint pain) में काफी तकलीफ होती है।

2.रहूमटॉइड अर्थराइटिस- रहूमटॉइड अर्थराइटिस अक्सर उन लोगो को ही होता है जिनकी उम्र 40 से 50 वर्ष होती है। इस बीमारी में पीड़ित व्यक्ति की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है।

क्या आप जानते हैं? ‘’खड़े होकर पानी पीने से घुटनों में दर्द होता है।’’ 

गठिया होने के कारण (What causes Arthritis?)

डॉक्टर्स का मानना है कि गठिया रोग किसी एक कारण (Reason for arthritis) की वजह से नहीं होता है। जब शरीर में विटामिन डी की कमी हो जाती है तब पीड़ित व्यक्ति की अंगुलियों, घुटने, गर्दन, कोहनी के जोड़ आदि में दर्द की शिकायत होने लगती है। गठिया रोग होने के कई कारण (Arthritis ke lakshan) हैं जैसे-

1.घुटने में चोट लगना

वैसे तो उम्र के साथ गठिया जैसी बीमारी होना काफी आम  (Reason for arthritis)  है, लेकिन अगर ये बीमारी कम उम्र में होती है या जल्दी हो जाती है तो इसके पीछे कारण है चोट लगना। जब घुटने पर किसी भी तरह का घाव या चोट लगने से घुटने के अंदर प्रैशर पड़ने लगता है तो घुटने की काम करने की क्षमता प्रभावित होती है, साथ ही जब जोड़ों पर ज्यादा दबाव आता है तो इसके भीतर मौजूद कार्टिलेज घिसने लगते हैं और गठिया रोग पैदा होता है।

2.आनुवंशिकता

अर्थराइटिस या गठिया आनुवंशिक बीमारी भी है। अगर आपके परिवार में पहले किसी को गठिया रोग हुआ है तो आपको भी ये बीमारी आसानी से हो सकती है। अगर आप इससे बचना चाहते हैं तो शुरू से ही अपने खानपान का ध्यान रखें और नियमित रूप से एक्सरसाइज़ करें।

अगर आप गठिया रोग से पीड़ित हैं तो Medpho हेल्पलाइन नंबर 88569-88569 पर #BasEkCall करें और डॉक्टर से FREE सलाह लें।

3.मोटापा

मोटापा कई सारी बीमारियों को दावत दे देता है जिसमें से अर्थराइटिस भी एक है। अगर आपका वजन संतुलित नहीं है तो बहुत हद तक संभव है कि आप गठिया रोग के शिकार हो जाएं। अगर आप गठिया या अन्य किसी भी रोग से बचना चाहते हैं तो अपनी लंबाई और उम्र के हिसाब से ही वजन संतुलित करें।

Arthritis

4.कैल्शियम की कमी

जैसा की हमने ऊपर बताया गठिया रोग का सीधा संबंध मानव शरीर की हड्डियों से है। और जब हड्डियों को सही मात्रा में कैल्शियम नहीं मिल पाता या शरीर में कैल्शियम की कमी हो जाती है तो ऐसे में गठिया होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। 

5.बुढ़ापा

बुढ़ापे में गठिया रोग होना आम बात है। दरअसल हमारे शरीर के जोड़ों में एक नर्म और लचीला टिशु होता है जिसे कार्टिलेज कहते हैं। जब हम कोई भी एक्टिविटी करते हैं या चलते व दौड़ते हैं तो जोड़ों पर दबाव पड़ता है जिससे कार्टिलेज जोड़ों की सुरक्षा करता है। जब ये कार्टिलेज घिसने लगते हैं और इनके काम करने की क्षमता में कमी आ जाती है तो जोड़ों की एक हड्डी दूसरी हड्डी से रगड़ती है और इस स्थिति में गठिया रोग हो जाता है।

गठिया के लक्षण (Arthritis Symptoms)

गठिया के लक्षणों की शुरूआत जोड़ों में दर्द  (Joint pain)  से होती है और समय के साथ-साथ ये पीड़ित व्यक्ति का उठना-बैठना भी मुश्किल कर देता है। अर्थराइटिस यानि गठिया रोग को आप नीचे दिए गए लक्षणों से पहचान सकते हैं-

1.दर्द और अकड़न

दर्द और अकड़न गठिया रोग के सबसे शुरूआती लक्षण हैं। इस स्थिति में पीड़ित व्यक्ति के पैर, घुटने और जोड़ आदि में काफी दर्द (Joint pain)  होता है। इसके अलावा कुछ लोगों के पैरों की अंगुलियां अकड़ जाती हैं और फिर चलने-फिरने में परेशानी आती है।

2.आंखों की सूजन

अगर कोई व्यक्ति रिएक्टिव गठिया का शिकार है तो इसके लक्षण (Arthritis symptoms) आंखों पर भी दिखाई देते हैं। ऐसे में आंखों में सूजन आ जाती है। अगर आपको लगे की रोज़ाना आपकी आंखें सूझ रही हैं तो इसे नजरअंदाज ना करें और जितनी जल्दी हो सके डॉक्टर से संपर्क करें।

3.पेशाब में दिक्कतें

अगर आप यूरिन संबंधित किसी भी समस्या का सामना कर रहे हैं तो आप भी गठिया रोग के शिकार हो सकते हैं। यूरिन इंफेक्शन होने पर भी अर्थराइटिस (Arthritis) होने का खतरा रहता है।

4.कमजोरी महसूस होना

व्यक्ति को कमजोरी कई कारणों से महसूस हो सकती है, लेकिन जब कोई व्यक्ति रिएक्टिव गठिया का शिकार होता है तो उसका शरीर दिन-प्रतिदिन कमजोर होने लगता है और ये कमजोरी शरीर के कई हिस्सों में जैसे हाथ, पैरों, कलाई की हड्डियों में दिखाई देती है और इस कारण लोगों को काम करने में दिक्कतें पैदा होने लगती हैं।

5.अन्य लक्षण

पैरों में सूजन, दर्द और जोड़ों से आवाज़ें आना गठिया (Arthritis) रोग के सबसे आम लक्षण हैं। इसके अलावा अगर कोई व्यक्ति एनीमिया का शिकार है तो उसे भी गठिया रोग आसानी से हो सकता है। साथ ही जब परेशानी ज्यादा बढ़ जाती है तो पीड़ित व्यक्ति को बुखार भी आ सकता है।

Arthritis

गठिया का इलाज (Arthritis Treatment)

एक बार जो व्यक्ति गठिया का शिकार हो जाता है तो उसे काफी तकलीफें होती हैं, यहां तक की उठने-बैठने में भी दिक्कतें (Arthritis symptoms)  पैदा हो जाती हैं। इसलिए गठिया के शुरूआती लक्षण दिखते ही इसका इलाज करवा लेना चाहिए। क्योंकि समय निकलने के बाद परिस्थितियां और बिगड़ने लगती हैं। आप गठिया रोग का इलाज (Arthritis treatment) कई तरीकों से कर सकते हैं-

1.दवाईयां

गठिया के शुरआती दौर में डॉक्टर कई तरह की दवाइयां लेने की सलाह देते हैं। मरीज को दी जाने वाली सभी दवाइयां (Gathiya ka ilaj)  उसके गठिया के प्रकार पर निर्भर करती हैं। उदाहरण के तौर पर गठिया के दर्द को कम करने के लिए दवाईयां, नाॅन स्टीराॅयडल एंटी-इंफ्लेमेट्री दवाईयां, काउन्टर इरिटेन्टस्, आदि दी जाती है।

2.घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी

जब परेशानी ज्यादा बढ़ जाती है और ये दवाइयों से ठीक नहीं होती है तब डॉक्टर सर्जरी करवाने की सलाह देते हैं। कई बार गठिया का दर्द असहनीय हो जाता है और स्थिति बिगड़ने लगती है, ऐसे डाॅक्टर्स को एडवांस उपचार जैसे घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी (Arthritis treatment)  का सहारा लेना पड़ता है। घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी में गठिया के कारण जो जोड़ खराब हो जाते हैं उसे हटाकर उसकी जगह एक कृत्रिम जोड़ लगाया जाता है। यह कृत्रिम जोड़ भी बिल्कुल असली जोड़ की तरह ही काम करता है और इससे दर्द में भी आराम मिलता है। आमतौर पर यह सर्जरी घुटने, कुल्हे व कंधे के जोड़ों के लिए किया जाता है।

3.घरेलू इलाज

कुछ लोग गठिया का इलाज (Gathiya ka ilaj)  घरेलू तरीके से भी करते हैं। अश्वगंधा शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करता है। रोजाना अश्वगंधा का सेवन करने से पूरे शरीर जैसे जोड़ों, तंत्रिकाओं, लिगामेंट्स और मांसपेशियों पर काफी सकारात्मक असर पड़ता है। इसके अलावा कई लोग ऐसे भी हैं जो जोड़ों की मसाज के लिए अरंडी का तेल का भी इस्तेमाल करते हैं। 

अगर आप गठिया रोग से पीड़ित हैं तो Medpho हेल्पलाइन नंबर 88569-88569 पर #BasEkCall करें और डॉक्टर से FREE सलाह लें।