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Juli Kumari-November 03, 2022

Glaucoma Diet Plan: काला मोतियाबिंद की समस्या होने पर क्या खाएं और क्या नहीं?

Glaucoma-Diet

काला मोतियाबिंद (Glaucoma) आंखों में होने वाली एक गंभीर समस्या है। वहीं काला मोतियाबिंद अंधेपन के प्रमुख कारणों (Causes of Glaucoma) में से एक है। यह किसी भी उम्र में हो सकता है, लेकिन बुजुर्ग लोगों में अधिकतर पाया जाता है। काला मोतियाबिंद को ग्लूकोमा (Glaucoma) भी कहा जाता है। शुरुआत में ग्लूकोमा का कोई लक्षण (Symptoms of Glaucoma) दिखाई नहीं देता। इसका प्रभाव बहुत धीमी गति से होता है। वहीं, जब तक काला मोतिया गंभीर स्थिति में नहीं पहुंच जाता, तब तक व्यक्ति को अपनी दृष्टि में कोई बदलाव नज़र नहीं आता। 

हालांकि, नियमित रूप से आँखों का परीक्षण करवाते रहने से काला मोतियाबिंद (Glaucoma) से बचा जा सकता है। वहीं, काला मोतियाबिंद (Glaucoma)  होने पर डॉक्टर जीवन शैली को बेहतर बनाने के साथ ही पौष्टिक आहार (Glaucoma Diet Plan) लेने की सलाह देते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं काला मोतियाबिंद (ग्लूकोमा) में क्या खाना चाहिए? (What to eat during Glaucoma in Hindi?) और काला मोतियाबिंद (ग्लूकोमा) में क्या नहीं खाना चाहिए? (What to avoid during Glaucoma in Hindi?)-

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काला मोतियाबिंद (ग्लूकोमा) में क्या खाना चाहिए? (Glaucoma Diet Plan)

ग्लूकोमा से बचाव के लिए आप अपनी डाइट (Glaucoma Diet Plan) में निम्नलिखित चीजों का सेवन करना बेहद जरूरी होता है-

हरी पत्तेदार सब्जियां- रोजाना हरी पत्तेदार सब्जियों के सेवन ग्लूकोमा का खतरा कम हो जाता है। इन सब्जियों में पालक, कोलार्ड साग, काले, ब्रसेल्स स्प्राउट्स, गोभी और मेथी आदि शामिल हैं।

विटामिन सी भरपूर फल और सब्ज़ियां – फलों और सब्जियों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट ग्लूकोमा के जोखिम को कम करते हैं। इसलिए इनकी नियमित सेवन की सलाह दी जाती है। इन खाद्य पदार्थों में हरी मिर्च, खट्टे फल, टमाटर, ब्रोकोली, स्ट्रॉबेरी, मिठाई, सफेद आलू (white potatoes) और पत्तेदार सब्ज़ियां शामिल हैं।

विटामिन ई युक्त खाद्य पदार्थ – इनमें अंडे, फल, गेंहू, हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ, मेवे, अखरोट का तेल, वनस्पति तेल और साबुत अनाज शामिल हैं।

विटामिन ए युक्त खाद्य पदार्थ – शकरकंद (Sweet Potatoes), गाजर, आम, दूध, अंडे और जौ विटामिन ए से भरपूर होते हैं।

विटामिन डी से भरपूर भोजन –  विटामिन D से भरपूर खाद्य पदार्थों के सेवन करने से काला मोतियाबिंद की समस्या नहीं होती है। वहीं, मछली का तेल (Cod Liver Oil), दूध, अंडे और जौ विटामिन D के प्रमुख स्रोत हैं।

ज़िंक से भरपूर भोजन – जिंक से भरपूर खाद्य पदार्थों के सेवन से काला मोतियाबिंद समस्या होने की संभावना कम हो जाती है। वहीं, इसमें सीप, लाल मांस, पॉल्ट्री, सेम, मेवे, साबुत अनाज, पौष्टिक तत्वों से भरपूर नाश्ता और डेरी उत्पाद शामिल हैं।

ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्त खाद्य पदार्थ – ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थ भी फायदेमंद हैं। वहीं, इसके जंगली सालमन (Wild salmon) मछली, सार्डिन्स (Sardines) मछली, अखरोट और फ्लैक्स का तेल अच्छे स्रोत हैं।

Cataract-Diet

काला मोतियाबिंद (ग्लूकोमा) होने पर क्या नहीं खाएं? (What to avoid during Glaucoma in Hindi?)

काला मोतियाबिंद की समस्या (Black Glaucoma Problem) होने पर निम्नलिखित चीजों का सेवन नहीं करें-

कैफीन का कम सेवन करें-  कॉफी का सेवन कम मात्रा में करें।  दरअसल कॉफी में कैफीन पाया जाता है जोकि ग्लूकोमा के रोगी के लिए उचित नहीं होता है।

धूम्रपान का सेवन- पहले किए गए किसी भी अध्ययन में ग्लूकोमा और धूम्रपान के बीच संबंध नहीं पाया गया है। हालांकि, हाल ही में किए गए अध्ययन में धूम्रपान से ग्लूकोमा उत्पन्न करने वाले जोखिम पाया गया है।

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अत्यधिक पानी पीना (Excessive Water Drinking)- कम समय अवधि (15 मिनट) पर अत्यधिक मात्रा में पानी (500 एमएल से 1 लीटर) पीने के कारण  आईओपी (इंट्रा-ओक्यूलर प्रेशर) में वृद्धि होती है। वहीं, ग्लूकोमा रोगियों को अधिक मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करने से बचना चाहिए।

शराब का सेवन- शराब शुरू में आईओपी (इंट्रा-ओक्यूलर प्रेशर) को कम कर सकती है, लेकिन रोज़ाना शराब का सेवन आईओपी में मामूली वृद्धि का कारण बन सकता है। अतः मरीजों को शराब नहीं पीने की सलाह दी जाती है।

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ब्लॉग में दी गई तथ्यों की पुष्टि 

डायटिशियन वरलीन कौर, (डायबिटीज एजुकेटर, फूड एंड न्यूट्रिशन)

Frequently Asked Question ( FAQs)

1.  काला मोतियाबिंद किसके कारण होता है? (Causes of Glaucoma in Hindi)

ज़्यादातर मोतियाबिंद की समस्या तब होती है, जब उम्र बढ़ने या चोट लगने की वजह से आंख के लेंस को बनाने वाले ऊतक में बदलाव आ जाता है। इसके वजह से लेंस में प्रोटीन और फाइबर टूटने लगते हैं, जिससे दृष्टि धुंधली हो जाती है। इसके अलावा, वंशानुगत, आनुवंशिक विकार की वजह से भी मोतियाबिंद होने की संभावना बढ़ जाती है।

2. ग्लूकोमा का इलाज क्या है? (Glaucoma Treatment)

ग्लूकोमा की वजह से दृष्टि को जो नुकसान होता है उसे तो ठीक नहीं किया जा सकता है, लेकिन इलाज की मदद से प्रभाव को अवश्य कम किया जा सकता है। वहीं, सर्जरी को ग्लूकोमा का सबसे बढ़िया इलाज माना जाता है।

 3. क्या मोतियाबिंद सर्जरी दर्दनाक है?

मोतियाबिंद के ऑपरेशन में दर्द नहीं होता है। जबकि मरीज सर्जरी के दौरान जागते हैं, इसमें बहुत कम या कोई असुविधा नहीं होती है। सर्जरी से पहले एक हल्का शामक दिया जा सकता है, जो नसों को शांत करता है, और आंखों को सुन्न करने के लिए आई ड्रॉप का उपयोग किया जाता है।

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