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Juli Kumari-December 21, 2022

जानिए ओवेरियन सिस्ट के कारण और प्रकार

जानिए ओवेरियन सिस्ट के कारण और प्रकार

ओवेरियन सिस्ट (ovarian cyst) महिलाओं में होने वाली एक आम बीमारी है, आमतौर पर दर्द में रहने के बाद भी महिलाएं इस बीमार के बारे में किसी से बात नहीं करती हैं, जिसकी वजह से सिस्ट का आकार बढ़ने लगता है और बीमारी गंभीर रूप लेने लगती है। आपको बता दें कि, सिस्ट कई प्रकार के होते हैं और इनका इलाज भी सिस्ट के टाइप (types of ovarian cyst) और गंभीरता को देखने के बाद ही किया जाता है। ओवेरियन सिस्ट (cyst in uterus) के आकार की बात करें तो 50 से 60 मिलीमीटर का सिस्ट होने पर डॉक्टर बिना सर्जरी के ही इसे ठीक करने की कोशिश करते हैं।

ओवेरियन सिस्ट के कारण (Causes of ovarian cyst)

आमतौर पर ओवेरियन सिस्ट (cyst) के कारण इसके प्रकार पर पर निर्भर करता है। वैसे तो ओवेरियन सिस्ट के कई कारण हो सकते हैं लेकिन इसके सामान्य कारण (Causes of ovarian cyst) नीचे दिए गए हैं….

1. फंक्शनल आवेरियन सिस्ट - फंक्शनल ओवेरियन सिस्ट गर्भावस्था के दौरान बनती है, लेकिन इससे मां और बच्चे को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचता है। इसके दो प्रकार हैं- 

  • फॉलिकुलर सिस्ट- महिलाओं की ओवरी (ovary) में द्रव से भरपूर एक थैली होती है जिसमें अंडे होते हैं इसे फॉलिकल कहा जाता है, वैसे तो हर महीने ये द्रव से भरी थैली फट जाती है और इसमें मौजूद अंडे बाहर निकल जाते हैं, लेकिन जब ये थैली नहीं फटती है तो अंडाशय में मौजूद तरल पदार्थ एक गांठ का रुप ले लेता है तो ये सिस्ट कहलाता है। 
  • कॉपर्स ल्यूटियम सिस्ट- कॉपर्स ल्यूटियम सिस्ट (corpus luteum cyst) आमतौर पर फॉलिकल निकलने के बाद खुद की खत्म हो जाते हैं। लेकिन जब किसी कारण ऐसा नहीं होता है तो अधिक मात्रा में तरल पदार्थ जमा होने लगता है जिससे कॉपर्स ल्यूटियम सिस्ट बनता है।

2.पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम - पीसीओएस हार्मोनल समस्याओं के कारण पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम होता है, इस बीमारी में ओवरी (ovary) के भीतर छोटी-छोटी गांठे बनने लगती हैं जिससे महिलाओं को मां बनने में कई तरह की तकलीफों का सामना करना पड़ता है।

ओवेरियन सिस्ट के प्रकार (Types of Ovarian Cyst)

Types of Ovarian Cyst

ओवेरी (ovary) सिस्ट कई प्रकार (types of ovarian cyst) के होते हैं, इसका आकार कितना बड़ा होगा और ये कितना गंभीर होगा ये इसके प्रकार पर निर्भर करता है, चो चलिए जानते हैं ओवेरियन सिस्ट कितने प्रकार के होते हैं…..

फंक्शनल सिस्ट

फंक्शनल महिलाओं में होने वाला आम सिस्ट (cyst)  है, ये तब बनता है जब आपके पीरियड्स यानि मासिक धर्म रेगुलर होते हैं, कई मामलों में कुछ लापरवाही के कारण इसका साइज (आकार) बढ़ने लगते हैं। 

फंक्शनल सिस्ट दो प्रकार के होते हैं- 

1.फॉलिकुलर सिस्ट

पीरियड्स के दौरान ओवरी में अंडे बनते हैं इन अंडों को फॉलिकल नाम से जाना जाता है। फॉलिकल एक थैली के आकार की होती है जो अंडाशय में ही रहती है और समय- समय पर फट जाती है। लेकिन जब समय रहते ये थैली नहीं फटती है तो इस स्थिति में अंडे बाहर नहीं निकल पाते जिससे थैली में मौजूद द्रव एकत्रित होकर सिस्ट बन जाता है, अगर समय रहते इसका इलाज ना करवाया जाए तो इसका आकार बढ़ने लगता है। 

2.कॉर्पस ल्यूटियम सिस्ट

कॉर्पस ल्यूटियम सिस्ट ओवुलेशन के बाद यूट्रस में होने वाला सिस्ट (cyst in uterus) है, जब ओविलेशन के बाद फॉलिकल नहीं सिकुड़ पाते हैं तब कॉर्पस ल्यूटियम सिस्ट बनने लगता है। इस स्थिति में द्रव से भरी हुई थैली सिकुड़ने के जगह बंद होने लगती है और इस थैली में तरल पदार्थ यानि पानी जैसे पदार्थ भरने लगते हैं जो कुछ समय बाद कॉर्पस ल्यूटियम सिस्ट बनता है। आमतौर पर ज्यादात्तर फंक्शनल सिस्ट का साइज 2 से 5 सेमी होता है और ओव्यूलेशन की प्रक्रिया तब आती है जब सिस्ट का साइज 2-3 सेमी होता है

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अन्य प्रकार के सिस्ट जिसे ट्यूमर भी कह सकते हैं।

आपको बता दें कि, सिस्ट कई प्रकार के होते हैं और सभी का इलाज इनकी गंभीरता और प्रकार के अनुसार ही किया जाता है, तो चलिए जानते हैं सिस्ट कितने प्रकार (types of ovarian cyst) के होते हैं।

1.ड्रमोइड सिस्ट: डर्मोइड सिस्ट को टेराटोमास नाम से भी जाना जाता है, डॉक्टर्स के अनुसार डर्मोइड सिस्ट के लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। लेकिन जब इनका आकार बढ़ने लगता है तब इसके कुछ लक्षण सामने आते हैं और कई तरह की मुसीबतें भी बन जाती हैं। आपको बता दें कि ड्रमोइड सिस्ट का साइज काफी धीरे-धीरे बढ़ता है।

2.सिस्टेडेनोमास : ये एक प्रकार का ट्यूमर है जो अंडाशय की सतह पर बनते हैं। इस ट्यूमर में मवाद भर जाता है जिसे अल्ट्रासाउंड की मदद से देखा जाता है। ये एक तरह का फंक्शनल सिस्ट है इसका आकार लगातार बढ़ता रहता है।

3.एंडोमेट्रियोमास : एंडोमेट्रियोसिस महिलाओं में होने वाली आम बीमारी है, ये एंडोमेट्रियोमास की वजह से होता है। इस स्थिति में कोशिकाएं गर्भाशय के बाहर विकसित होने लगती हैं। 

एक रिसर्च के अनुसार देश में एंडोमेट्रियोसिस से करीब 44 प्रतिशत महिलाएं पीड़ित हैं जिनमें  एंडोमेट्रियोमा होगा, कभी-कभी इस सिस्ट में चॉकलेट भर जाता है क्योंकि इनमें गाढ़ा और गहरे रंग का रक्त होता इसलिए इसे चॉकलेट सिस्ट भी कहते हैं। वैसे तो एंडोमेट्रियोमा बाकी सिस्ट की तुलना में काफी छोटे होते हैं लेकिन ये भी कई आकारों में हो सकता है, जिनमें 5 सेमी से लेकर 20 सेमी तक का आकार शामिल है।

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आगे पढ़ें - प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना में शामिल बीमारियां

ब्लॉग में दी गई तथ्यों की पुष्टि ,

डॉ राहुल शर्मा जनरल फिजिशियन (एमबीबीएस)

Frequently Asked Question ( FAQs)

1. ओवरी में सिस्ट हो तो क्या करना चाहिए?

गर्म पानी या हॉट वाटर बैग की सिकाई करने से सिस्ट के दर्द (ovarian cyst pain) से आराम पाया जा सकता है, अगर आपके पास हॉट वाटर बैग नहीं है तो गर्म पानी की बोतल को करीब 10 से 15 मिनट तक अपने पेट के निचले हिस्से को सेकें, ऐसा करने से आपको दर्द (ovarian cyst pain) से राहत मिलेगी।

2. क्या ओवेरियन सिस्ट खतरनाक है?

वैसे तो ओविरयन सिस्ट (ovarian cyst) से आपको कोई नुकसान नहीं है, कई बार ये बिना इलाज के भी अपने आप खत्म हो जाता है, लेकिन कई महिलाओं में सिस्ट के आकार में बढ़ोत्तरी रिप्रोडक्टिव पीरियड के दौरान होता है, अगर आपको पता है कि आपको सिस्ट है और फिर भी आप इलाज नहीं करवाते हैं तो इससे कैंसर होने का भी खतरा रहता है।

3. क्या ओवेरियन सिस्ट को बिना ऑपरेशन के हटाया जा सकता है?

अंडाशय में होने वाले सिस्ट को बिना सर्जरी के भी दूर किया जा सकता है, अगर सिस्ट अपने शुरुआती स्टेज में है तो ये दवाइयों के सेवन से भी ठीक हो सकते हैं।

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